जयपुर: राजस्थान में आगामी नगरीय निकाय चुनावों को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। नगर निगम, नगर परिषद और नगरपालिकाओं के वार्डों की आरक्षण लॉटरी अगले सप्ताह 13 और 14 अगस्त को निकाले जाने की संभावना है। इसके बाद चुनावी तस्वीर काफी हद तक साफ हो जाएगी।
जानकारी के मुताबिक, वार्डों की आरक्षण लॉटरी सभी जिलों में जिला कलेक्टर की निगरानी में कराई जाएगी। वहीं, नगर निकायों के प्रमुख पदों यानी मेयर, सभापति और चेयरमैन के लिए आरक्षण की लॉटरी 14 अगस्त को स्वायत्त शासन निदेशालय (DLB) में निकाले जाने की संभावना है।
प्रदेश के सभी 309 नगरीय निकायों में अगले महीने चुनाव कराने की तैयारी चल रही है। ऐसे में आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव कार्यक्रम जारी करने की दिशा में भी तेजी आने की उम्मीद है।
OBC आरक्षण की स्थिति जल्द होगी साफ
नगरीय निकाय चुनावों में OBC आरक्षण को लेकर भी जल्द तस्वीर साफ होने की उम्मीद है। OBC आयोग की रिपोर्ट राज्य सरकार को मिल चुकी है। अब सरकार इस रिपोर्ट के आधार पर निकायों में OBC आरक्षण की स्थिति तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकती है।
आरक्षण की यह प्रक्रिया चुनावी तैयारियों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इसके बाद उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों को अपने-अपने वार्डों की स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
महिला और OBC वर्ग के लिए आरक्षित होंगे वार्ड
वार्डों की आरक्षण लॉटरी जिला मुख्यालयों पर जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में निकाली जाएगी। लॉटरी के जरिए अलग-अलग वार्डों को OBC और महिला वर्ग के लिए आरक्षित किया जाएगा।
नगरीय निकायों में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण का प्रावधान है। ऐसे में लॉटरी के बाद यह भी स्पष्ट हो जाएगा कि किस निकाय के कौन से वार्ड महिला और OBC वर्ग के लिए आरक्षित होंगे।
अगले महीने चुनाव की तैयारी
प्रदेश में 309 नगरीय निकायों के चुनाव को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां जारी हैं। वार्ड आरक्षण और निकाय प्रमुखों के पदों के आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव की तैयारियां और तेज होने की संभावना है।
राजनीतिक दल भी अब संभावित उम्मीदवारों और वार्डवार समीकरणों को लेकर अपनी रणनीति बनाने में जुटेंगे। आरक्षण की लॉटरी के बाद कई वार्डों में दावेदारों की स्थिति बदल सकती है और स्थानीय चुनावी समीकरण भी प्रभावित हो सकते हैं।
