कोरोना महामारी के चलते पिता के अंतिम संस्कार कार्यक्रम में नहीं शामिल हुए योगी आदित्यनाथ।

कोरोना महामारी के चलते जहां उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री दिन रात इस महामारी की रोकथाम में भरसक प्रयास करने में लगे हुए हैं ताकि उत्तर प्रदेश मैं यह महामारी अपने पांव न पसारे। वहीं सोमवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पिता जो कि काफी लंबे समय से बीमार चल रहे थे दिल्ली एम्स में पिछले कुछ दिनों से भर्ती थे और जिनकी हालत गंभीर होने की खबर लगातार न्यूज़ चैनलों पर दिखाई जा रही थी उनका स्वर्गवास सोमवार सुबह एम्स अस्पताल दिल्ली में हुआ।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फेसबुक के माध्यम से लिखा कि उनकी इच्छा थी कि वह अपने पिता के अंतिम दर्शन कर सके लेकिन इसको देश की लड़ाई कोरोना महामारी के खिलाफ और उत्तर प्रदेश की 23 करोड़ जनता के हित में कर्तव्य बोध के कारण अंतिम दर्शन प्राप्त नहीं कर सका और कल 21 अप्रैल को होने वाले अंतिम संस्कार मैं भी शामिल नहीं हो पाऊंगा।

मंगलवार सुबह उनके पिता का अंतिम संस्कार हुआ जिसके लिए भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने परिवार जनो को कम से कम संख्या में इसमें शामिल होने के लिए भी कहा जिसके लिए सोशल मीडिया पर उनकी काफी सराहना भी की जा रही है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह लिखा अपने फेसबुक हैंडल पर :

“पूज्य पिताजी के कैलाशवासी होने पर मुझे भारी दुःख एवं शोक है।

वह मेरे पूर्वाश्रम के जन्मदाता हैं।

जीवन में ईमानदारी, कठोर परिश्रम एवं नि:स्वार्थ भाव से लोक मंगल के लिए समर्पित भाव के साथ कार्य करने का संस्कार बचपन में उन्होंने मुझे दिया।

अंतिम क्षणों में पिताजी के दर्शन की हार्दिक इच्छा थी, परंतु वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के खिलाफ देश की लड़ाई को उत्तर प्रदेश की 23 करोड़ जनता के हित में आगे बढ़ाने के कर्तव्यबोध के कारण मैं दर्शन न कर सका।

कल 21अप्रैल को अंतिम संस्कार के कार्यक्रम में लॉक डाउन की सफलता तथा महामारी कोरोना को परास्त करने की रणनीति के कारण भाग नहीं ले पा रहा हूं।
पूजनीया मां, पूर्वाश्रम से जुड़े सभी सदस्यों से भी अपील है कि लॉकडाउन का पालन करते हुए कम से कम लोग अंतिम संस्कार के कार्यक्रम में रहें।

पूज्य पिताजी की स्मृतियों को कोटि-कोटि नमन करते हुए विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा हूं।

लॉकडाउन के बाद दर्शनार्थ जाऊंगा।”