भाजपा ने सूरजपाल अम्मू का इस्तीफा किया नामंज़ूर, पार्टी दे सकती है बड़ी जिम्मेदारी।
भाजपा ने सूरजपाल अम्मू का इस्तीफा किया नामंज़ूर, पार्टी दे सकती है बड़ी जिम्मेदारी।

राजस्थान: सूरजपाल अम्मू ने पद्मावत फ़िल्म के विरोध के दौरान पहले पार्टी पद से दिया था इस्तीफा और फिर जेल से बाहर आने के बाद चित्तौड़गढ़ में माँ पद्मावती के जौहर स्थल से पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने का किया था ऐलान, हालांकि उस वक़्त पार्टी की तरफ से उनका इस्तीफा मंज़ूर करने का कोई औपचारिक ऐलान नही हुआ था। सूत्रों के मुताबिक सूरजपाल अम्मू का इस्तीफा नामंज़ूर कर सकती है भाजपा क्योंकि सूरजपाल अम्मू पार्टी के तीस वर्ष पहले के सीनियर कार्यकर्ता एवं वर्तमान में एक मज़बूत छवि वाले लोकप्रिय नेता हैं।

सूरजपाल अम्मू को राजपूत समाज, स्वर्ण समाज एवं अति पिछड़े दलित हितेसी के तौर पर देश के सबसे बड़े सामाजिक नेताओ में गिना जाता है। सूरजपाल अम्मू अक्सर टीवी चैनल्स पर डिबेट में मजबूती के साथ सर्वसमाज का पक्ष रखते दिखाई देते हैं।

सूरजपाल अम्मू का इस्तीफा नामंज़ूर करके भाजपा हो सकती है मजबूत।

भाजपा में कभी हरियाणा के उच्च पद पर रहे सूरजपाल अम्मू आज देश भर में ख्याति प्राप्त कर चुके हैं और उनकी लोकप्रियता भाजपा में पदासीन कई बड़े राजनेताओ से ऊपर है एवं देेश के कोने कोने से लाखों लोग सोशल मीडिया के माध्यम से उनसे जुड़े हैं ऐसे में पार्टी उनके इस्तीफे को नामंज़ूर कर उनकी पदोन्नति करके एक बड़ा कदम पार्टी की मजबूती के लिए उठा सकती है।

  • सूरजपाल अम्मू हमेशा से ही टीवी चैनल्स की डिबेट पर कांग्रेस की आलोचना करते नज़र आते हैं और उन्हें समाज के पिछड़ेपन का एक बड़ा कारण भी बताते हैं जिससे पता चलता है कि वे कांग्रेस की विचारधारा से विपरीत हैं।
  • राजपूत समाज के लाखों लोग सूरजपाल अम्मू को अपने चहेते नेता के तौर पर प्यार करते हैं जो उनके लिए खड़े होने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।
  • पद्मावत फ़िल्म के विरोध के दौरान सूरजपाल अम्मू को जेल भी जाना पड़ा था परंतु जेल से आने के बाद भी उन्होंने कहा था कि समाज के लिए लड़ाई लड़ता रहूंगा और जब भी समाज को ज़रूरत पड़ेगी समाज के लिए सबसे आगे रहूंगा।
  • सूरजपाल अम्मू ने पिछले कुछ महीनों में राजस्थान और मध्यप्रदेश के दौरे किये हैं जिसमें वे अपने लाखों समर्थको के बीच में जाकर सामाजिक बदलाव के लिए उत्साहित एवं जोशीले भाषण देने के लिए जाने जाते हैं।
  • सूरजपाल अम्मू ने भाजपा के पद से इस्तीफा देने के बाद भी किसी अन्य राजनैतिक दल का साथ नही दिया और उनके समर्थकों के अनुसार सामाजिक तौर पर उनका कद कई बड़े राजनेताओ से ऊंचा माना जाता है।
  • सूरजपाल अम्मू भी हिन्दू विचारधारा वाले नेता माने जाते हैं परंतु वे हमेशा कहते नज़र आते हैं कि वे राष्ट्रवादी मुस्लिमो का सम्मान करते हैं एवं अति पिछड़े दलित हितेसी हैं।
  • सूरजपाल अम्मू को लोग अति पिछड़े दलितों का हितेसी भी बताते हैं और सभी समाज के गरीब और पिछड़े वर्ग के लिए लड़ाई लड़ने की बात वो अक्सर अपने भाषण में बोलते हैं।

  • युवाओं का सूरजपाल अम्मू के प्रति समर्थन, उनके बीच उनकी लोकप्रियता और उन्हें राजनैतिक क्षेत्र में आने के लिए उनको प्रोत्साहित करने से पता चलता है कि युवाओं की उम्मीद उनसे राजनैतिक क्षेत्र में आकर समाज के लिए अच्छे कार्य करने से है।
  • युवाओं के बीच सूरजपाल अम्मू काफी लोकप्रिय हैं और सोशल मीडिया के माध्यम से उनके साथ जुड़े रहने से उन्हें मार्गदर्शन भी देते दिखाई पड़ते हैं।
  • सूरजपाल अम्मू के विचारों की सादगी एवं समाज के अच्छे के लिए हमेशा कार्यरत रहने का भरोसा देना उन्हें एक अच्छी सामाजिक छवि के नेताओ में शुमार करता है।
  • उनके समर्थकों का मानना है कि वह सीधे और साफ तौर पर अपनी बात को रखते हैं जिससे वे उम्मीद करते हैं कि वे भविष्य में देश के एक बड़े राजनेता के तौर पर उभरेंगे और उन्हें राजनीति में आकर समाज की बात को आगे रखना चाहिए।

सूरजपाल अम्मू एक बड़ा नाम है जो भाजपा को सशक्त और मजबूत करने में अहम भूमिका अदा कर सकते हैं और सूत्रों के अनुसार भाजपा स्वर्ण समाज के बड़े नेताओं को अपने साथ शामिल करने पर विचार कर रही है ऐसे में सूरजपाल अम्मू का इस्तीफा नामंज़ूर करके वो भाजपा के लिए सबसे पहले नामों में से एक हो सकते हैं।

अब देखना यह होगा कि क्या भाजपा इसपर विचार करके उनका इस्तीफा नामंज़ूर करती है और उन्हें घर वापसी के लिए न्योता देती है।