UGC के अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों की परीक्षाओं के निर्णय के खिलाफ #SayNoToUGCGuidelines ट्रेंड कर रहा है.

UGC ने 2020 में विद्यालयों, विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों की अंतिम वर्ष परीक्षा के लिए दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। UGC के निर्णय के अनुसार अब अंतिम वर्ष में जो विद्यार्थी हैं उनकी परीक्षाएं होना ज़रूरी है और सितम्बर के अंत में परीक्षाएं ली जाएँगी। सरकार और विभाग के इस फैसले के खिलाफ विद्यार्थियों ने सोशल मीडिया पर खासी नाराज़गी जताई है और ट्विटर पर #SayNoToUGCGuidelines और #cancelfinalyearexams ट्रेंड कर रहे है।

विद्यार्थियों का कहना है की ऐसे समय में जब कोरोना जैसी महामारी ने पूरे विश्व को हिलाकर रखा है और भारत दिन पे दिन दूसरे देशों को पछाड़कर कोरोना के केस के मामलो में आगे निकल रहा है ऐसे में विद्यार्थियों की परीक्षाओं के बारे में UGC का यह निर्णय गलत है और इस निर्णय से विद्यार्थियों की ज़िन्दगियों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। वहीँ पर सोमवार को UGC की तरफ से दिशा निर्देश जारी होने के बाद इसके खिलाफ चल रहे लोगों की बात पर सरकार की कोई प्रतिक्रिया नहीं आयी है.

ट्विटर पर विद्यार्थियों की अलग अलग प्रतिक्रियाएं हैं ऐसे में कुछ लोग ऐसे भी हैं जो UGC के इस फैसले का सम्मान कर रहे हैं. अखिल भारतीय बिद्यार्थी परिषद् ने भी इस फैसले का स्वागत किया और लिखा की आपके भविष्य और रोज़गार के लिए परीक्षाएं लेना ज़रूरी हैं. वहीँ पर एन.एस.यू.आई कहता है की यह फैसला विद्यार्थियों के खिलाफ है और इसे तुरंत वापिस लेना चाहिए।

राजस्थान समेत कुछ राज्यों की सरकार पहले ही ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन की परीक्षाओं को लेकर कह चुके थे की वो इस साल ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन की परीक्षा होने के समर्थन में नहीं हैं और राजस्थान समेत कुछ राज्यों ने पहले ही परीक्षाएं रद्द करने का फैसला लिया था जिसके बाद काफी हद्द तक लोगों ने और विद्यार्थियों ने इसका समर्थन किया था लेकिन अब UGC के दिशा निर्देश आने के बाद ट्विटर पर लोगों की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं जिसमें अधिकांश लोग इस निर्णय के खिलाफ सरकार को और UGC को घेरते नज़र आ रहे हैं. कुछ लोग इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट (सर्वोच्च न्यायालय) में याचिका दायर करने की भी बात कर रहे हैं.