राजस्थान में सींकर दुल्हन अपहरण पर शुरुआत से अब तक की पूरी खबर यहां पढ़ें।

धरनास्थल की तस्वीर।

राजस्थान के सींकर जिले के नागवां गांव में चार दिन पहले दो बहनों की शादी एक परिवार में हुई। दुल्हन जब फेरों के बाद अपने मायके (नागवां) से विदा हुईं तो 4 किलोमीटर बाद ही पास के गांव में कुछ बदमाशों ने गाड़ी रुकवाकर लाठी और डंडो से हमला कर दिया और एक दुल्हन को अगवा कर ले गए।

इसकी खबर जब करणी सेना के राष्ट्रीय महामंत्री उम्मेद सिंह करीरी को मिली तो उन्होंने उदयपुरवाटी से बसपा विधायक राजेन्द्र सिंह गुढा को इस बात से अवगत कराया जिसके बाद राजेन्द्र सिंह गुढा और उम्मेद सिंह करीरी प्रदर्शनकारियों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे जहां राजेन्द्र सिंह गुढा ने इस घटना से आहत होकर अपने ऊपर पेट्रोल छिड़क लिया और आत्मदाह का प्रयास किया, उसके बाद उन्होंने प्रशासन को अगले दिन तक का अल्टिमेटम दिया और समाज के लोगों से आह्वान किया कि वो अगली सुबह कलेक्टरेट पहुंचे ताकि पुलिस इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द हँसा कंवर (दुल्हन) को सही सलामत लेकर आये। देखते ही देखते सोशल मीडिया पर यह वीडियो हर जगह वायरल हुआ।

अगले ही दिन सुबह उम्मेद सिंह करीरी ने सभी राजपूत नेताओं से और समाज के लोगों से सींकर पहुंचने का आह्वान किया जिसके बाद राजपूत समाज के संगठनों के पदाधिकारियों ने भी सींकर पहुंचने का निर्णय लिया और श्री राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना और करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मनोहर सिंह घोड़ीवारा और सामाजिक नेता दुर्ग सिंह, माधव सिंह और सुखदेव सिंह अन्य लोगों के साथ सींकर नागवां गांव पहुंचे और प्रशासन को ज्ञापन देने के बाद कलेक्ट्रेट के पास राजपूत छात्रावास पर अनिश्चितकाल धरना शुरू किया जिसके बाद वहां लोगो की संख्या बढ़ती चली गयी।

अगले दिन धरनास्थल पर हिंदूवादी नेता उपदेश राणा,ओकेन्द्र राणा और कई प्रदेशों से लोग पहुंचने शुरू हो गए और इसने एक आंदोलन का रूप ले लिया जिसपर प्रशासन ने तीन दिन का समय मांगा था अब वह समय समाप्त हो गया और दुल्हन का पता नहीं चला।

देर शाम को न्यूज़18 इंडिया चैनल के डिबेट आर पार से करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरजपाल अम्मू ने इस मुद्दे को नेशनल मीडिया पर देश के लोगों के सामने रखा और कांग्रेस के नेता से प्रदेश की हालत पर सवाल किया। इसके बाद सूरजपाल अम्मू ने समाज के लोगों से आह्वान किया कि वो अगले दिन सींकर पहुंचे और वो भी सींकर पहुंच रहे हैं।

सूरजपाल अम्मू के नेशनल टीवी पर इस मुद्दे को उठाने के बाद प्रशासन ने अगले दिन सींकर में नेट सेवाएं बन्द करने का फैसला लिया। अगले दिन सुबह सूरजपाल अम्मू ने सींकर के लिए रवाना होते हुए फेसबुक से लोगों से अपील की वे ज़्यादा से ज़्यादा संख्या में सींकर पहुंचें। सूरजपाल अम्मू के साथ योगिता सिंह सांवराद, करणी सेना राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष रविन्द्र सिंह हाड़ा, वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्षा शिखा सिंह चौहान, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुमेर सिंह तंवर और अनेको अनेक राजस्थान के पदाधिकारी पहुंचे। शनिवार दोपहर वहां लगातार उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, गुजरात और मध्य प्रदेश से लोग पहुंचने लगे और पुलिस का भारी जाब्ता प्रशासन की तरफ से तैनात किया गया।

धरनास्थल की तस्वीर।

सूरजपाल अम्मू ने वहां धरनास्थल पर प्रदर्शनकारियों के सामने कहा कि अगर जल्द ही प्रशासन ने हंसा कंवर को नही ढूंढ तो प्रशासन एक सांवराद से भी बड़े आंदोलन के लिए तैयार रहे और उसके बाद उनकी कोई ज़िम्मेदारी नही होगी क्योंकि प्रदर्शनकारी आक्रोशित हैं और समाज के लोग चाहते हैं कि पुलिस जल्द ही आरोपियों को गिराफ्तार कर दुल्हन को सही सलामत लेकर आये। इसी दौरान सुरक्षाबल और प्रदर्शनकारियों में छोटी मोटी झड़प भी देखने को मिलीं।

शनिवार देर शाम पुलिस ने सूचना दी कि हंसा कंवर को देहरादून से दस्तयाब कर लिया गया है और आरोपियों को भी हिरासत में ले लिया गया है जिसके बाद प्रदर्शनकारी शांत नज़र आये।

हंसा कंवर को देहरादून से दस्तयाब करने के बाद आरोपी अंकित को साथ लेकर पुलिस रविवार को सींकर पहुंची और पता लगा कि अंकित ने देहरादून में शादी के लिए मजिस्ट्रेट कार्यालय में अर्जी लगाई हुई थी परंतु सींकर पुलिस उससे पहले देहरादून पुलिस की मदद से उनको ढूंढने में कामयाब रही और सींकर आने के बाद मजिस्ट्रेट के सामने दुल्हन ने अपने परिजनों के साथ जाने को कहा और अब ज़बरदस्ती ले जाने की बात भी कुबूली है जिससे ये मामला पुलिस के लिए और भी पेचीदा हो गया है क्योंकि पहले इस मामले में प्रेम प्रसंग की अटकलें लगाई जा रही थीं।