गुजर आंदोलन ने लिया हिंसक रूप, इन जिले में लगाई गई धारा-144

राजस्थान: गुजर आंदोलन का चौखा दिन भी प्रशासन और सरकार के लिए सिर दर्द बना रहा । इस आंदोलन के चलते बस व ट्रेन सेवा प्रभावित रही। राज्य में 5% आरक्षण की मांग कर रहे गुर्जर समाज ने  सिकंदरा के पास आगरा नेशनल हाईवे जाम कर दिया। कई जगहों पर आंदोलनकारी रेलवे ट्रैक पर बैठे हुए हैं। हिंसा के बाद धौलपुर में धारा 144 अभी भी लागू है। यहां रविवार को आंदोलनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया था और फायरिंग भी की गई थी। इसमें 12 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। आंदोलन से सबसे ज्यादा प्रभावित भरतपुर और अजमेर संभाग हैं।

आंदोलनकारियों ने सड़क पर यातायात जाम लगाया हुआ है। वही उन्होंने पुलिस के तीन वाहनों को आग के हवाले कर दिया। पुलिस ने हालत को काबू में करने के लिए लाठीचार्च किया। इसके अलावा हवाई फायरिंग की और आंसू गैस के गोले छोड़े गए। उग्र आंदोलनकारियों ने पुलिस की कार्रवाई का जवाब पथराव कर दिया जिसमें  चार पुलिसकर्मियों के चोटिल होने की खबर सामने आ रही है।

मामले पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने चिंता जताते हुए गुर्जर समाज से शांति बनाए रखने की अपील की है। वहीं कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला ने कहा कि आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से होगा।  उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से गुर्जरों को उग्र करने का प्रयास किया जा रहा है। अगर इस तरह की कार्रवाई दोबारा होती है  उग्र आंदोलन में देरी नहीं होगी।

बता दें कि गुर्जर आन्दोलन के तीसरे दिन धौलपुर में उग्र हुई भीड़ ने रविवार दोपहर आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे संख्या-3 पर जाम लगा दिया। इस दौरान मौके पर तैनात पुलिस ने जब भीड़ को रोकने की कोशिश की तो नारेबाजी करते हुए आन्दोलनकारियों ने हाईवे पर खड़ी पुलिस की तीन गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया और जमकर उत्पात मचाया।