वसुंधरा-मानवेंद्र में बंटे राजपूत नेता, विरोधी समर्थन में आए तो अपने करने लगे विरोध

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चुनाव से ऐनवक्त पहले समाज के नेताओं ने अपनी चाल बदल ली है जिससे चुनावी समीकरण गड़बड़ा सकते हैं

राजनीति का तख्तापलट रखने की ताकत रखने वाले सामाजिक नेता चुनावी मौसम में किस तरह खुद को बदल लेते हैं इसके उदाहरण अब जाकर सामने आए हैं। राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को लेकर अपनी नाराजगी दर्ज करा चुके कुछ राजपूत नेता आज उनके साथ खड़े हैं और उनका समर्थन भी कर रहे हैं तो वहीं वसुंधरा के सामने चुनाव लड़ने जा रहे मानवेंद्र सिंह को उन नेताओं का साथ मिल रहा है जो कभी भाजपा के साथ थे।

दरअसल हम थोड़ी पुरानी बात कर रहे हैं जब राजपूत समाज ने अपनी कई मांगो को लेकर भाजपा और वसुंधरा सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरा था तो समाज के कई नेताओं ने एकता दिखाते हुए वसुंधरा सरकार को उखाड़कर फैंकने की बात तक कर दी थी मगर आज उनमें से वहीं नेता उनके लिए समर्थन जुटाने में लगे हुए। गैंगस्टर आनंदपाल सिंह एनकाउंटर और फिल्म पद्मावत के मुद्दे पर सबसे ज्यादा बिफरने वाले राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी आज वसुंधरा राजे के लिए समर्थन मांग रहे हैं।

गोगामेड़ी ने एक प्रेसवार्ता आयोजित कर मानवेंद्र पर हमला बोलते हुए कहा कि वो अपने जिस स्वाभिमान के नाम पर जनता से वोट मांग रहे हैं उनका ये स्वाभिमान तब कहां चला गया था जब इसी भाजपा ने उनके पिता का टिकट काट दिया था। गोगामेड़ी ने कहा कि मानवेंद्र चार साल तक भाजपा में विधायक बनकर लाभ उठाते रहे। गोगामेड़ी ने मानवेंद्र के लिए कहा जो अपने बाप के नहीं हुए, वे राजपूत समाज के क्या होंगे। इस दौरान गोगामेड़ी ने राजपूत करणी सेना के संयोजक कालवी पर भी तीखे प्रहार किए और कहा कि कालवी समाज को बरगलाने का काम कर रहे हैं। आनंदपाल एनकाउंटर का मामला हो या पदमावती का, एक भी मामले में कालवी का नाम नहीं है।

वसुंधरा के बचाव में ये बोले गोगामेड़ी

अपनी प्रेसवार्ता में सुखदेव सिंह गोगामेड़ी ने वसुंधरा राजे की तारीफों के पुल बांधते हुए कहा कि उन्होनें तो फिल्म पद्मावती को राजस्थान में बैन कर समाज की बेटी होने का असली फर्ज निभाया है। वहीं गोगामेड़ी ने आनंदपाल एनकाउंटर मामले में राज्य सरकार द्वारा 16 नामजद मुकदमें वापस लेने के लिए वसुंधरा राजे की तारीफ की है।

वो नेता जो अब भी वसुंधरा के खिलाफ

श्री राजपूत करणी सेना के संस्थापक लोकेंद्र सिंह कालवी मानवेंद्र का खुला समर्थन करते कई बार देखे गए हैं। कालवी ने तो यहां तक दावा किया है कि झालारापाटन से वसुंधरा राजे के पक्ष में राजपूत समाज के 500 वोट भी नहीं पड़ने वाले हैं। वहीं सर्व राजपूत रावणा संघर्ष समिति के प्रवक्ता भंवरसिंह रेटा ने कहा है कि वसुंधरा राजे राजपूत नहीं है क्योंकि सिंधिया राजपूत नहीं होते। उन्होनें कहा है कि पूरा राजपूत समाज मानवेंद्र सिंह के साथ खड़ा है।