राजस्थान में कोरोना को लेकर 31 मार्च तक लॉकडाउन।

राजस्थान में गहलोत सरकार ने कोरोना के देशभर में बढ़ते मामलों और खासकर प्रदेश में 25 मामले सामने आने के बाद राजस्थान में 31 मार्च तक आवश्यक सेवाओं को छोड़कर लॉकडॉउन के निर्देश दिए हैं। इस फैसले को लेकर मुख्यमंत्री गहलोत ने बैठक बुलाई जिसमें यह फैसला लिया गया और काफी अन्य चीजों पर भी विचार किया गया।

इस लॉक डाउन के तहत आवश्यक सेवाओं के अतिरिक्ति समस्त राजकीय एवं निजी कार्यालय, मॉल्स, दुकानें, फैक्ट्रियां एवं सार्वजनिक परिवहन आदि बंद रहेंगे। बैठक में एक कोर ग्रुप का गठन भी किया गया। यह कोर ग्रुप लॉकडाउन एवं अन्य पाबंदियों के कारण आम जनता विशेषकर गरीब एवं वंचित वर्ग की आवश्यकताओं हेतु लिए जाने वाले निर्णयों के लिए अपनी अभिशंषा करेगा।

प्रदेश सरकार ने इस पर भी गौर किया है कि आपदा के इस दौर में लोगों को खाद्य सामग्री को लेकर किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम से जुड़े एक करोड़ से अधिक परिवारों जिनको एक रूपए एवं दो रूपए प्रतिकिलो गेहूं मिलता है, उन्हें मई माह तक गेहूं निःशुल्क दिए जाने के निर्देश दिए हैं।

शहरी क्षेत्रों में स्ट्रीट वेण्डर्स, दिहाड़ी मजदूरों एवं ऐसे जरूरतमंद परिवारों जो एनएफएसए की सूची से बाहर हैं, को एक अप्रेल से दो माह तक आवश्यक खाद्य सामग्री के पैकेट निशुल्क उपलब्ध कराए जाने के भी निर्देश दिए हैं। ये पैकेट जिला प्रशासन तथा नगरपालिकाओं के सहयोग से उपलब्ध करवाए जाएंगे।

प्रदेश सरकार ने कोरोना वायरस से पैदा हुए हालातों में सभी प्रकार के पेंशनधारियों को आर्थिक परेशानी का सामना नहीं करना पडे़, इसलिए सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभार्थियों को वितरण अप्रेल माह के प्रथम सप्ताह तक करने का भी फैसला लिया है।

प्रदेश सरकार ने लोगों से अपील की है कि वैश्विक महामारी से बचाव के लिए लोग घर पर ही रहें और सरकार द्वारा लिए गए निर्णयों एवं एडवाइजरी का पालन करें ताकि प्रदेश में स्थिति नियंत्रण से बाहर न हो।