राजस्थान विधानसभा चुनाव: अपना अमूल्य वोट देने से पहले वो 5 बातें जो आपको अब सोचना बहुत जरूरी है

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राजस्थान में कल मतदान यानी लोकतंत्र के पर्व का दिन है जहां कल जनता जनार्दन अपने वोट से अपनी किस्मत लिखेगी। हम वोट देते क्यों है किसके लिए देते हैं और किसको देते है इसका पूर्णतया मतलब यदि कोई जानता है तो वो अपने मत का प्रयोग बड़ी समझदारी से भी कर सकता है। वोट देने से पहले ‘राजस्थान केसरी’ के पाठकों को हम 5 बातें बता रहे हैं जिनपर मंथन करने के बाद अपने मत का सही प्रयोग कर सकते हैं।

जाति से उपर उठकर करें मतदान:आज इंसान चांद और मंगल गृह पर पहुंच गया है और ये उसने ये तरक्की अपने बलबूते पर की है ऐसे में यदि आज भी हम जाति धर्म के नाम पर वोट देने की सोचते हैं तो इसमें ना देश कि तरक्की होगी, ना राज्य की और ना ही स्वयं की तरक्की होगी ऐसे में जाति से उपर उठकर वोट दें।

दिखावे पर ना जाएं: किसी प्रत्याशी के चुनाव प्रचार प्रसार में दिखाई गई अपनी ताकत को कभी अपने वोट का आधार ना बनाएं और अपने विवेक का सही ढंग से इस्तेमाल करें। यदि आप पर भी नेताओं के बेसिर पैर के भाषणों का असर हुआ है तो आज ही उन्हें अपने दिमाग से निकाल दें क्योंकि आपने अगर ऐसे जाति धर्म या बांटने की राजनीति करने वालों को वोट दिया तो आप तरक्की की रूकावट में रोढ़ा बनने की कड़ी के भी हकदार होंगे।

दूरदर्शी सोच रखें: आप एक वोट देकर अपने 5 साल तय करते हैं ऐसे में बहुत सोच समझकर अपने प्रत्याशी का चयन करें और पिछले कार्यों का मूल्यांकन कर और घोषणापत्र के वायदों के बारे में सोचकर ही वोट दें।

आपके पास है ये खास अधिकार: यदि आपको ऐसा लगता है कि आपके क्षेत्र से जितने भी और कोई सी पार्टी के जो भी उम्मीदवार चुनाव लड़ने जा रहे हैं वो ठीक नहीं है तो आप ‘नोटा’ का बटन दबाकर उन्हें सिरे से नकार सकते हैं। आपको भारत का संविधान यदि प्रत्याशी चुनने का हक देता है तो वो प्रत्याशी नहीं चुनने का भी हक देता है।