कोई मुंह पर पट्टी बांधकर आया तो किसी से शपथ पत्र ही नहीं पढ़ा गया, जानिए क्या क्या हुआ राजस्थान विधानसभा में

राजस्थान विधानसभा का विशेष सत्र मंगलवार से शुरू हुआ जहां कई विधायकों ने सदस्यता ली। 15 वीं विधानसभा में आज सबसे पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उसके बाद डिप्टी सीएम सचिन पायलट को शपथ दिलाई गई जिसके बाद कैबिनेट मंत्रियो और अन्य विधायकों ने भी बारी बारी से शपथ ग्रहण की। भाजपा विधायक अशोक लाहोटी अनोखे ही रूप में शपथ ग्रहण करते दिखाई दिए जहां उन्होनें संस्कृत भाषा में शपथ ली। हालांकि लाहोटी थोड़ा अटके जरूर मगर उनके इस प्रयास की जमकर तारीफें हुई। इससे उलट जाहिदा खान ने अंग्रेजी भाषा में शपथ ग्रहण की। आज विधानसभा में सबसे ज्यादा विवाद उस समय हुआ जब कई विधायकों ने राजस्थानी भाषा में शपथ लेने की इच्छा जताई मगर उन्हें प्रोटेम स्पीकर गुलाबचंद कटारिया ने ऐसा करने की इजाजत नहीं दी। बीकानेर की नोखा सीट से भाजपा विधायक बिहारीलाल विश्नोई तो मुंह पर पट्टी बांधकर विधानसभा पहुंचे जहां उनकी पट्टी पर ‘राजस्थान गूंगा है’ का नारा लिखा हुआ था। ये नारा राजस्थानी भाषा को मान्यता दिलाने के लिए था।

ये नहीं पढ़ पाए शपथ
आज कुछ विधायकों को शपथ पढ़ने में काफी परेशानी हुई जहां विधायक इंदिरा देवी बावरी, गंगादेवी और राजेन्द्र राठौड़ को प्रोटेम स्पीकर गुलाबचंद कटारिया ने शपथ पढ़वाई। राठौड़ जैसे वरिष्ठ विधायक के शपथ पत्र ठीक से नहीं पढ़ पाने पर सदन में मौजूद कांग्रेस विधायक शां​ति धारीवाल चुटकी लेने लगे और कहा कि सातवीं बार विधानसभा के सदस्य बन रहे राठौड़ यदि शपथ की चार लाइन भी नहीं पढ़ पाए तो सब बेकार है। धारीवाल के ऐसा कहते ही सदन में हंसी के ठहाके गूंज उठे।

ये रहेगा पूरी विधानसभा का कार्यक्रम

16 जनवरी को विधानसभा के नए अध्यक्ष के निर्वाचन होने के साथ विधानसभा के कम से कम 23 जनवरी तक चलने के आसार हैं। 17 जनवरी को राज्यपाल कल्याण सिंह अभिभाषण होगा जिसके बाद 19 और 20 जनवरी को अवकाश रहेगा और फिर 21,22 और 23 जनवरी को राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस होगी।