महाशिवरात्रि से जुड़ा ये अहम रहस्य नहीं जानते होंगे आप

सोमवार को देशभर में महाशिवरात्रि का पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। इस बार संयोग से शिवरात्रि सोमवार को पड़ रही है। महाशिवरात्रि के बारेे में पुराणों में कहा गया है कि ये प्रकृति और इंसान के मिलन की रात होती है। मगर महाशिवरात्रि से जुड़े कई गहरे राज़ हैं जो शायद आप नहीं जानते होंगे।

कहा जाता है कि भगवान शिव आज ही के दिन पहली बार प्रकट हुए थे। ​उन्होनें अग्नि के शिवलिंग का रूप लिया था। ये शिवलिंग ऐसा था ना जिसका आदि था और ना अंत था। सृष्टि के र​चयिता ब्रहृमा ने इस शिवलिंग को देखने की काफी कोशिशें की मगर वो कामयाब नहीं हो पाए। भगवान ब्रहृमा ने शिवलिंग को देखने के लिए हंस का रूप धारण किया था। इसी तरह भगवान विष्णु भी इस शि​वलिंग को काफी ढूंढते रहे लेकिन वो भी इस कार्य में सफल नहीं हो पाए।

बैराग छोड़कर गृहस्थ जीवन अपना लिया था भोलेनाथ ने

कहा जाता है कि महाशिवरात्री के दिन ही भगवान शिव और शक्ति का महामिलन हुआ था। बैरागी जीवन जी रहे भगवान भोलेनाथ ने शक्ति से विवाह कर गृहस्थ जीवन अपना लिया था। एक कहानी ये भी है कि भगवान शिव 64 जगहो पर प्रकट हुए थे। हम केवल अभी उनके 12 ज्योतिर्लिंग को ही जानते हैं। भगवान शिव के अग्नि वाले शिवलिंग की अनुभुति करने बड़ी संख्या में लोग आज इन 12 ज्योतिर्लिंग में अपना ध्यान लगाएंगे।