राजस्थान के इस विवादित आईपीएस अफसर से केंद्र तक हुआ परेशान, तुरंत किया बर्खास्त

अक्सर विवादों में रहने वाले राजस्थान ​कैडर के एक आईपीएस आॅफिसर को अब पूरी तरह बर्खास्त कर दिया गया है। 2009 बैच के आईपीएस पंकज चौधरी को गृह मंत्रालय की ओर से बर्खास्त किए जाने की सूचना मिली है। सूत्रों के अनुसार चौधरी के जयपुर स्थित आवास पर बजाज नगर थाना पुलिस ने 8 पन्नों का एक नोटिस चस्पा किया है जिसमें उनकी बर्खास्तगी को लेकर जानकारी दी गई है। राजस्थान कैडर का ये आईपीएस कई बार विवादों में रहा है जहां इन्होनें सरकार तक से सीधे पंगे लेने की कोशिश की है।

इन विवादों के कारण हमेशा रहे चर्चा में

आईपीएस पंकज चौधरी वैसे तो कई बार विवादों में रहे हैं मगर उनसे जुड़े कुछ ऐसे विवाद भी हैं जिनसे राजस्थान में सरकार तक हिल गई। सबसे पहले चौधरी जैसलमेर एसपी रहते हुए विवाद में आए जब उन्होनें स्थानीय कांग्रेस विधायक गाज़ी फकीर की हिस्ट्रीशीट खोल डाली। इसके बाद पंकज का नाम बूंदी के नैनवां में हुए दंगों में भी उछला जहां पुलिस की भूमिका को लेकर काफी सवाल उठे थे। पंकज काफी बार सरकार और दूसरे अफसरों पर अपनी ओर से की गई बयानबाज़ी को लेकर चर्चा में रहे हैं।

वसुंधरा राजे के खिलाफ अपनी पत्नी को चुनाव लड़ाने का किया था ऐलान

2018 विधानसभा चुनाव से पहले पंकज की पत्नी मुकुल चौधरी ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की थी। पंकज ने ऐलान किया था कि वो अपनी पत्नी को तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के खिलाफ झालारापाटन से चुनाव लड़वाएंगे। चौधरी की पत्नी को कांग्रेस की ओर से टिकट ही नहीं दिया गया

फेसबुक बायो में लिखा ​राइटर,मोटिवेटर और फाइटर

 

आईपीएस पंकज चौधरी सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहते हैं और बेबाकी से अपनी राय लिखते हैं। मगर कभी कभी चौधरी अपने ही विभाग के अधिकारियों के खिलाफ भी बहुत कुछ लिख जाते हैं। इस वजह से कई आईपीएस अफसरों ने चौधरी को बर्खास्त करने के लिए सरकार से कई बार लिखित में शिकायतें भी की है। अभी पिछले दिनों ही राजस्थान में डीजीपी स्तर के अधिकारियों समेत कई अन्य आईपीएस अफसरों के खिलाफ चौधरी ने मोर्चा खोल दिया था। हैरानी की बात ये है कि पुलिस अधिकारी होते हुए पंकज ने अपने फेसबुक अकाउंट पर खुद की बायो में अपने आप को एक लेखक बताया है। वहीं साथ में उन्होनें खुद को मोटिवेटर और फाइटर भी लिखा है।