भाजपा की बोतल में उतरे ‘हनुमान’ बेनीवाल

कभी खुद को भाजपा या कांग्रेस की दुल्हन नहीं बनने का दम भरने वाले हनुमान बेनीवाल ने आज भाजपा का दामन थामन लिया है। ये दामन गठबंधन का है और बेनीवाल की भाजपा की बोतल में उतर गए हैं। आज जयपुर स्थित भाजपा पद्रदेश कार्यालय में बेनीवाल ने अपनी पार्टी की ओर से भाजपा का साथ देने की घोषणा की है। भाजपा ने बेनीवाल और उनकी पार्टी के लिए नागौर लोकसभा सीट का त्याग किया है। बेनीवाल नागौर से चुनाव लड़ेंगे। बता दें कि इससे पहले बेनीवाल गठबंधन के लिए कांग्रेस की शरण में भी गए थे। मगर कांग्रेस की ज्योति मिर्धा के विरोध करने के बाद पार्टी को पीछे हटना पड़ा और बेनीवाल की शर्तों को नामंजूर कर दिया गया। बेनीवाल ने कांग्रेस के सामने शर्त रखी थी कि वो कांग्रेस के साथ तभी गठबंधन करेंगे जब उन्हें नागौर सीट से चुनाव लड़ने दिया जाएगा। कांग्रेस इस बात पर सहमत नहीं थी और पार्टी ने बेनीवाल को अजमेर से चुनाव लड़ने का विकल्प दिया था।

जनता में क्या जाएगा संदेश

गत विधानसभा चुनाव में अपनी राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी का गठन करने वाले हनुमान बेनीवाल ने सबसे ज्यादा भाजपा और तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के खिलाफ आवाज़ उठाई थी। उन्होनें चुनावों से पहले कई बार किसानों के मुद्दे पर राजस्थान में कई जगहों पर किसान हुंकार रैली का आयोजन भी किया था। किसान हुंकार रैली के माध्यम से ही बेनीवाल की राजनैतिक महत्वकांक्षाओं को बल मिला था, ऐसे में उन्होनें अपनी पार्टी बना डाली। अब भाजपा के साथ गठबंधन का ऐलान करने से बेनीवाल को वैसे तो कोई बड़ा फायदा नहीं होगा। यदि इस बार केंद्र में भाजपा फिर से सत्ता में आ जाती है तो अगले विधानसभा चुनाव में बेनीवाल की पार्टी को इसका बड़ा फायदा मिल सकता है। बेनीवाल की पार्टी राजस्थान में एक स्थानीय पार्टी के रूप में उभरकर सामने आ सकती है।