इंदिरा गांधी के विद्रोह में जेल गए संघ के भाजपा नेता तिवाड़ी कांग्रेस में शामिल

भाजपा से बगावत कर खुद की पार्टी का गठन करने वाले आरएसएस के स्वंयसेवक घनश्याम तिवाड़ी ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर ली है। तिवाड़ी ने आज जयपुर में कांग्रेस सुप्रीमो राहुल गांधी के समक्ष पार्टी की सदस्यता ग्रहण की है। तिवाड़ी के कांग्रेस जॉइन करने के बाद संघ से लेकर भाजपा तक में भूचाल आ गया है। बता दें कि पूर्व विधायक घनश्याम तिवाड़ी काफी समय से भाजपा पर तीखे हमले करते आए थे। उन्होनें पार्टी से बगावत कर दीन दयाल वाहिनी नाम से खुद की एक पार्टी भी खड़ी की थी। तिवाड़ी ने राजस्थान विधानसभा चुनाव में कई सीटों पर अपनी पार्टी से प्रत्याशी खड़े किए थे। विधानसभा चुनाव में तिवाड़ी और उनकी पार्टी का हश्र काफी बुरा रहा और खुद तिवाड़ी को ही बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा था। वैसे बता दें कि घनश्याम तिवाड़ी भाजपा नहीं वरन तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के खिलाफ थे। ऐसे में आलाकमान भी उनके बगावती सुरों से परेशान था और उनपर कई बार पार्टी की विचारधारा से उपर उठकर अनुशासन तोड़े जाने के आरोप लगते रहे थे।

कौन हैं घनश्याम तिवाड़ी

घनश्याम तिवाड़ी जनसंघ के समय के नेता है ​जो इंदिरा गांधी द्वारा देश में लगाए गए आपातकाल के विरोध में जेल तक जा चुके हैं। तिवाड़ी का पूरा राजनैतिक जीवन संघ और भाजपा में रहते हुए ही बीता है मगर वो अब काफी समय से पार्टी से रूठे हुए चल रहे थे।

कांग्रेस में शामिल होने के क्या है मायने

तिवाड़ी को अपने खेमे में शामिल करने के लिए कांग्रेस काफी समय से प्रयासरत थी। सूत्रों के अनुसार राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ही ये सारा खेल रचा है। बताया जा रहा है कि तिवाड़ी को कांग्रेस मेें शामिल करने के बाद अब पार्टी जयपुर में ब्राहम्ण कार्ड खेल सकती है। तिवाड़ी खुद भी पार्टी के टिकट पर जयपुर शहर या ग्रामीण सीट से चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं। ऐसे में पार्टी ने उन्हें टिकट देने का सारा निर्णय मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर ही छोड़ दिया है। बता दें कि घनश्याम तिवाड़ी खुद भी काफी समय से कांग्रेस के संपर्क में थे। माना जा रहा है कि जयपुर लोकसभा सीट पर तिवाड़ी ब्राहृम्ण वोटों पर सेंध भी लगा सकते हैं। चर्चा ये भी है कि उन्हें सीधे राज्यसभा में भेजा जा सकता है।

इधर इन्हीं की पार्टी के नेता भाजपा में हो रहे शामिल

जानकारी मिली है कि घनश्याम तिवाड़ी के कांग्रेस में शामिल होने के बाद इनकी पार्टी के ही कुछ नेता लगातार भाजपा के संपर्क में है। भारत वाहिनी पार्टी के एक नेता विमल अग्रवाल के जल्द ही भाजपा में शामिल होने की जानकारी मिली है।