शख्सियत: वो लोकप्रिय सांसद जो पहली बार में जीत हासिल कर बने कैबिनेट मंत्री।

जोधपुर से आज तक कि सबसे बड़ी जीत के साथ बने थे सांसद। चार लाख से ऊपर वोट से की थी जीत दर्ज।

कृषि राज्यमंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत
कृषि राज्यमंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत
कृषि राज्यमंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत

जहां देश के नेता आज फेसबुक, ​ट्विटर के माध्यम से अपना प्रचार करना ज्यादा पसंद करते हैं वहीं मोदी कैबिनेट में एक ऐसे नेता भी है जो इसमें एक कदम आगे हैं। मोदी सरकार में कृषि राज्यमंत्री और जोधपुर से सांसद गजेन्द्र सिंह शेखावत ट्विटर, फेसबुक से ज्यादा सवाल जवाब के लिए बनाई गई सोशल वेबसाइट क्वोरा पर भी एक्टिव रहते हैं और राजनेताओ में इस वेबसाइट पर फॉलोवर्स में सबसे आगे हैं। शेखावत इस वेबसाइट के माध्यम से फॉलोवर्स को सवालों के जवाब भी बड़ी बखूबी देते हैं और उनके करीब 80 हजार के आसपास फॉलोअर्स भी हैं।

राजस्थान के सीकर जिले में जन्मे गजेन्द्र सिंह शेखावत के पिता जलदाय विभाग में वरिष्ठ अधिकारी रहे जिससे शेखावत राजस्थान के कई जिलों में रहे। दर्शनशास्त्र में एमए कर चुके शेखावत का राजनीति में प्रवेश कॉलेज के दिनों से ही हो गया था जब उन्होनें जोधपुर की जयनारायण व्यास विश्विद्यालय से अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ा और उसमें भारी वोटों से जीत हासिल की, जीत इतनी बड़ी थी कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिसद (एबीवीपी) के अंतर्गत तब तक कि सबसे बड़ी जीत थी।

 

खैर राजनीति से विपरीत शेखावत ने अपने जीवन में समाज के लिए जो किया है ऐसा करने वाले बहुत कम लोगों में इनका नाम भी आता है। राजस्थान में पाकिस्तान बॉर्डर से सटे इलाकों में रहने वाले लोगों के बच्चे यदि आज शिक्षा ग्रहण कर पा रहे हैं तो इसका लगभग श्रेय शेखावत को ही जाता है। शेखावत ने सीमा जल कल्याण समिति नामक सामाजिक कार्य करने वाली संस्था के साथ मिलकर 40 से ज्यादा स्कूल इन दुर्गम क्षेत्रों में खुलवाए और करीब आधा दर्जन छात्रावासों का निर्माण भी करवाया।

 

जमीन से जुड़े रहने वाले शेखावत खेती करने में भी माहिर है और जब भी मौका मिलता है वो खेतों में हल चलाने से नहीं चूकते।

 

सरकार और राजपूतों के बीच की अहम कड़ी है शेखावत:

राजपूत समाज से आने वाले गजेन्द्र सिंह शेखावत जितने मोदी कैबिनेट के चहेते हैं उतने ही राजपूत और अन्य समाज के भी प्रिय हैं और इन्हें 36 कौम के लोकप्रिय नेता गज्जू बन्ना के नाम से जानते हैं। आनंदपाल एनकाउंटर के समय भड़की हिंसा के दौरान राजपूत नेताओं से बातचीत के लिए भेजे गए केंद्रीय दल में शेखावत भी शामिल थे और इनके द्वारा किए गए प्रयास रंग भी लाए थे। राजपूत समाज ने 2018 में गजेंद्र सिंह शेखावत का प्रदेश अध्यक्ष से नाम वापिस लेने पर भी नाराज़गी जताई थी।

 

हर विषय का है ज्ञान:

शेखावत के ज्ञान के बारे में यदि जानना हो तो उन्हें आप पर फॉलो https://www.quora.com/profile/Gajendra-Singh-Shekhawat-6 कर सकते हैं जहां वो किसी भी टॉपिक चाहे वो वैश्विक राजनीति से जुड़ा हो या देश की राजनीति, कृषि से जुड़ा हो या अंतरराष्ट्रीय संबध। शेखावत के पास हर टॉपिक पर बात करने के लिए ज्ञान का अपार भंडार पड़ा है। शेखावत जितने संसद में एक्टिव रहते हैं उतने ही क्वोरा पर भी। भारतीय संसद में उन्हें सबसे ज़्यादा संसद सत्र में भाग लेना और पक्ष-विपक्ष रखने वाले 5 सबसे ऊपर सांसदों में गिना जाता है। राजनीति के जानकार इन्हें आने वाले समय में देश के सबसे बड़े राजनैतिक हस्तियों में शुमार होने वाले नेताओं में गिनते हैं।