सांगानेर विधानसभा से भाजपा की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रहीं।

सांगानेर - गजेंद्र सेन के वाहिनी में जुड़ने के बाद एक बार फिर भाजपा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं

Ghanshyam tiwari
Ghanshyam tiwari

राजस्थान की सबसे बहुचर्चित सीटों में से एक सांगानेर विधानसभा में जहाँ घनश्याम तिवारी के अलग होने के बाद भाजपा ने काफी गहन चिंतन के बाद अशोक लोहाटी पर अपना विश्वास जताया वहीँ कांग्रेस ने जाती के समीकरण को देखते हुए घनश्याम तिवारी के सामने ब्राह्मण समाज से ही आने वाले पुष्पेंद्र भरद्वाज को टिकट दी. सभी राजनैतिक दल जहाँ राजस्थान में एक दूसरे के कार्यकर्ता और पदाधिकारियों को शामिल करने की जद्दोज़हद में लगे हैं वहीँ भाजपा के सांगानेर विधानसभा युवा मोर्चा के महामंत्री गजेंद्र सेन ने भारत वाहिनी पार्टी ज्वाइन की जिसके बाद एक बार फिर घनश्याम तिवारी का समर्थन बढ़ा है. बीते दिनों भाजपा से ज्ञानदेव आहूजा ने पार्टी से टिकट कटने पर नाराज़गी जताते हुए सांगानेर विधानसभा से निर्दलीय अपना नामांकन दाखिल किया था जिसके बाद भाजपा की मुश्किलें बढ़ गयी थीं पर भाजपा ने इसका निष्कर्ष ज्ञानदेव आहूजा को मनाकर उन्हें प्रदेश उपाध्यक्ष बनाकर निकला जिसके बाद उन्होंने अपना नामांकन वापिस ले लिया।

भाजपा सांगानेर विधानसभा क्षेत्र से युवा मोर्चा के महामंत्री गजेंद्र सेन ने अपने समर्थको के साथ भारत वाहिनी के कार्यालय पहुंचकर घनश्याम तिवारी जी से मुलाक़ात की और वाहिनी में शामिल हुए. गजेंद्र सेन ने कहा की भाजपा में अशोक लोहाटी के नेतृत्व में कार्यकर्ता का सम्मान नहीं है. सांगानेर विधानसभा पर घनश्याम तिवारी पिछले तीन कार्यकाल से विधायक हैं एवं इस बार राजस्थान में घनश्याम तिवारी ने 75 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारें हैं जिसमें वर्तमान विधायक और कुछ पूर्व विधायक भी शामिल हैं. सांगानेर विधानसभा पर जहाँ घनश्याम तिवारी को सबसे मज़बूत माना जाता रहा है और इनके शिक्षा विभाग से जुड़े रहने के दौरान इनकी शिक्षा नीतियों को लेकर इन्हें UNESCO से सम्मानित भी किया गया था.

राजस्थान में पूरे प्रदेश की नज़रें इस सीट पर हैं और अब भाजपा के सांगानेर विधानसभा क्षेत्र से युवा मोर्चा के महामंत्री गजेंद्र सेन के शामिल होने के बाद एक बार फिर वर्तमान विधायक घनश्याम तिवारी का पलड़ा भारी होता नज़र आ रहा है अब देखना यह होगा की कौन यहाँ पर जनता का भरोसा जीतकर चुनाव में जीत दर्ज़ कराएगा।