पूर्व फ्रांसीसी राष्ट्रपति के बयान के बाद, राफेल पर गर्मा रही है सियासत।

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राफेल मुद्दे को लेकर कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से मोदी सरकार को घेरने में लगी है वहीं पूर्व फ्रांसीसी राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद ने फ्रांस के मीडिया हाउस ‘Mediapart’ को दिए अपने इंटरव्यू में कहा कि मोदी सरकार ने इस डील में फ्रांस की सरकार को अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस डिफेंस के अलावा कोई विकल्प नही छोड़ा था। वहीं केंद्र सरकार की सफाई में इस पर कहा गया कि इस में केंद्र सरकार का कोई लेना देना नही है फ्रांस की कंपनी दसॉ ने ही रिलायंस डिफेंस को भारतीय पार्टनर कंपनी के रूप में चुना था।

वहीं आजतक चैनल जब इसकी पड़ताल के लिए पेरिस पहुंचा और उसने Mediapart से बात की तो उसके  संपादक एड्वी प्लेनल और इंटरव्यू करने वाले पत्रकार एंटन रुगट ने बताया कि वो अपने स्टैैंड पर पूरी तरह कायम है और अगर ओलांद अपने बयान से पलटते हैं तो वे इसके सुबूत पेश करेंगे जो कि फ्रांस्वा ओलांद नही करेंगे।

भाजपा के कुछ नेताओं ने इसे अंतरराष्ट्रीय साज़िश भी बताया और कांग्रेस इस मुद्दे की जांच के लिए अड़ी हुई है और केंद्र सरकार को इस विवाद पर घेरने की पूरी कोशिश कर रही है। बहरहाल