सीपी जोशी बने राजस्थान विधानसभा के नए बॉस, आरसीए फिर बे-बॉस

राजस्थान की 15वीं विधानसभा के पहले सत्र के दूसरे ही दिन पूर्व केंद्रीय मंत्री और मौजूदा कांग्रेस विधायक डॉ.सीपी जोशी को बिना किसी विरोध के विधानसभा अध्यक्ष घोषित कर दिया गया है। विपक्ष ने भी जोशी को विधानसभा अध्यक्ष घोषित करने के लिए अपनी स्वीकृति दी जिसके बाद राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत समेत सभी मंत्रियो विधायकों ने उन्हें बधाई दी।

स्पीकर बनने के बाद सीपी जोशी को राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन यानी आरसीए के अध्यक्ष पद से तुरंत इस्तीफा देना पड़ा और अब आरसीए का बॉस कौन बनेगा इसके लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।

जोशी को नहीं मिला था कोई मंत्रालय

इस बार राजस्थान में कांग्रेस के आने के बाद कयास लगाए जा रहे थे कि सीपी जोशी को कैबिनेट में जगह मिल सकती है मगर आलाकमान ने उनके नाम पर कोई मुहर नहीं लगाई जिसके बाद माना जा रहा था कि कांग्रेस ने उनके लिए कुछ विशेष सोच रखा होगा और अब उन्हें ये अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है।

जोशी को अध्यक्ष बनाने के क्या है मायने
रिपोर्ट्स की माने तो सीपी जोशी को आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर विधानसभा अध्यक्ष की अहम जिम्मेदारी सौंपने के पीछे मकसद साफ है कि कांग्रेस ब्राहृम्ण वोट बैंक को अपनी ओर झुकाने की कोशिश करना चाह रही है। वहीं एक कांग्रेस के एक और दिग्गज महेश जोशी को भी पार्टी ने मुख्य सचेतक बनाया है और उनको पार्टी जयपुर शहर सीट से अपना उम्मीदवार भी बना सकती है और ब्राहृम्ण कार्ड खेल सकती है।