कोरोना वायरस के चलते सीआरपीएफ जवानों ने इतनी धनराशि प्रधानमंत्री राहत कोष के लिए दी।

कोरोना वायरस के चलते देशभर में प्रधानमंत्री ने 21 दिन के लिए लोगों को घरों में रहने के लिए आग्रह किया है इस विश्वव्यापी महामारी से निपटने के लिए लोगों का अपने घरों में रहना जरूरी है ताकि यह बीमारी ज्यादा लोगों को संक्रमित ना करें और ज्यादा लोगों तक ना फैले। जहां देशभर से लोग यह अनुमान लगा रहे हैं कि 21 दिन तक लोग अगर अपने घरों में रहेंगे तो इससे देश की अर्थव्यवस्था पर काफी असर पड़ेगा वहीं कुछ लोगों ने आगे आकर सरकारी राहत कोष में आर्थिक मदद भी की है जिससे कोरोना जैसी महामारी से निपटने में काफी सहायता मिलेगी।

जब भी कभी देश में किसी भी तरह की प्राकृतिक आपदा, कोई विपदा या दंगे फसाद होते हैं तो देश के सुरक्षा बल अपनी जान की बाजी लगाकर आगे आकर देश में सुरक्षा बहाल करने का काम करते हैं चाहे वह पुलिस हो फौज में जवान हो यह सीआरपीएफ जैसे सुरक्षा बल हो। कोरोना जैसी महामारी से निपटने के लिए भी सीआरपीएफ के जवानों ने आगे आकर 33 करोड़ 81 लाख रुपये प्रधानमंत्री राहत कोष को देने का फैसला किया है जिससे कि इस विश्वव्यापी महामारी से निपटने में सरकार को आर्थिक मदद मिले।

हमारे देश में नेता और अभिनेता करोड़ों रुपए कमाते हैं पर क्या वह नेता और अभिनेता रियल लाइफ में भी हीरो वाला काम करते हैं यह सवाल तब खड़ा होता है जब एक तरफ नौकरी करने वाले हजारों में कमाने वाले सीआरपीएफ के जवान इस गंभीर परिस्थिति में देश के लिए इतनी बड़ी धनराशि देने को तैयार हुए वही कुछ फिल्म सितारों को छोड़कर ज्यादातर सितारे सिर्फ सेल्फी लेकर या सेल्फी वीडियो बनाकर लोगों से अपने घरों में रहने का आग्रह ही करते नजर आए इस दौर में सोशल मीडिया पर यह बातें चलने लगी है कि सीआरपीएफ के जवान, डॉक्टर, पुलिसकर्मी ही सही मायनों में हमारे हीरो है जो अपने फर्ज के साथ साथ देश की आर्थिक मदद करने को भी सामने आ रहे हैं और इस विपदा से लड़ने में भी सबसे आगे हैं। लोग सीआरपीएफ के जवानों को सोशल मीडिया पर खूब सराहा रहे हैं कि उनका यह कदम हकीकत में बहुत से लोगों को आईना दिखाने का भी काम करेगा।

आपको बता दें कि अभी तक इस विपदा से निपटने के लिए देश की कुछ बड़ी कंपनी जैसे कि रिलायंस और महिंद्रा। प्रभास, कपिल शर्मा, चिरंजीवी, महेश बाबू, पवन कल्याण और रितिक रोशन जैसे फिल्म सितारों ने सरकार के राहत कोष में आर्थिक मदद की पेशकश भी की है ऐसे में सीआरपीएफ के जवानों की ओर से 33 करोड़ 81 लाख रुपए की राशि बहुत बड़ी राहत का काम करेगी और बहुत से लोगों को आईना दिखाने का भी काम करेगी।

आप सभी लोग भी इस विपदा की स्थिति में देश को आर्थिक मदद करने में सहायक हो सकते हैं आप लोग भी राज्य या केंद्र राहतकोष में पैसा जमा करा कर इस स्थिति से उभरने में देश की मदद कर सकते हैं। उन गरीब दिहाड़ी मजदूर, रेहड़ी वाले एवं गरीब जरूरतमंद लोग जो इस समय अपने घरों में रहकर कुछ नहीं कमा पा रहे हैं और देश को इस विपदा से निपटने में मदद कर रहे हैं ऐसे लोग भूखे ना रहे।

कई सामाजिक संगठनों ने भी आगे आकर अपनी तरफ से गरीबों को झुग्गी झोपड़ी वालों को खाना मुहैया कराने की जिम्मेदारी भी ली है और यह संगठन झुग्गी झोपड़ी वालों को रेहड़ी वालों को दिहाड़ी मजदूरों को खाना मुहैया करा रहे हैं ताकि इन्हें इस स्थिति में किसी तरह की परेशानी न झेलनी पड़े।