मंत्रिमंडल बनाने में गहलोत की ही चली ‘बस’

राजस्थान में आज अशोक गहलोत की अध्यक्षता वाली कांग्रेस सरकार ने अपनी कैबिनेट और राज्यमंत्री वाली टीम का चयन कर लिया है। आज 23 मंत्रियों ने बस से सफर तय करते हुए राजभवन जाकर शपथ ली। पिछले तीन दिनों से दिल्ली में राहुल गांधी,मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच चले मंथन के बाद आखिरकार 23 नामों पर मुहर लग सकी जिसमें गहलोत और पायलट के चहेतों को मंत्री बनाया गया।

 

राज्यपाल कल्याण सिंह की मौजूदगी में गहलोत सरकार के कैबिनेट मंत्री शपथ ग्रहण के बाद

फिलहाल जिन मंत्रियों ने शपथ ग्रहण की है उन्हें अभी कोई मंत्रालय नहीं दिया गया है और सूत्रों के अनुसार इस सप्ताह में किसी भी वक्त इन कैबिनेट मंत्रियों को उनका मंत्रालय प्रभार सौंपा जा सकता है। मंत्रिमंडल पर नजर डालें तो यहां मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का प्रभाव काफी ज्यादा दिखा है जहां उनके खेमे से 12 विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई वहीं सचिन के खेमे से सिर्फ 8 विधायकों को मंत्री पद के लिए चुना गया। बाकि बचे तीन विधायकों को कांग्रेस प्रदेश संगठन और राहुल गांधी की पसंद से मंत्री बनाया गया है जबकि सहयोगी दल आरएलडी से एक विधायक को कांग्रेस ने अपना वादा निभाते हुए मंत्री बनाया है।

इन्हें मिला कैबिनेट मंत्री का दर्जा

सालेह मोहम्मद, लालचंद कटारिया, शांति धारीवाल, प्रताप सिंह खाचरियावास, बीडी कल्ला, परसादी लाल मीणा, मास्टर भंवरलाल मेघवाल, लालचंद कटारिया, डॉ. रघु शर्मा, प्रमोद जैन भाया, विश्वेंद्र सिंह, हरीश चौधरी, रमेश मीणा, उदयलाल आंजना।

इन्हें मिला राज्यमंत्री का प्रभार

टीकाराम जूली, गोविंद सिंह डोटासरा, ममता भूपेश, अर्जुन सिंह बामनिया, भंवर सिंह भाटी, सुखराम विश्नोई, अशोक चांदना, भजनलाल जाटव, राजेन्द्र सिंह यादव, सुभाष गर्ग (आरएलडी)

मंत्रिमंडल की मुख्य बातें

-इसबार मंत्रिमंडल में 4 जाट नेताओं को मंत्री बनाया गया है।

-मंत्रिमंडल में सालेह मोहम्मद के रूप में केवल एक मुस्लिम विधायक को मंत्री बनाया गया है जबकि कांग्रेस ने चुनावों से पहले मुस्लिम कार्ड खेला था।

-11 महिला विधायकों में से केवल एक ममता भूपेश को मंत्री पद मिला है और उन्हें भी राज्यमंत्री का दर्जा दिया गया है।

-कैबिनेट में अशोक चांदना 34 सबसे युवा और शांति धारीवाल 75 सबसे उम्रदराज मंत्री होंगे।

-कांग्रेस के 25 विधायक ऐसे हैं जो पहली बार विधायक बने हैं मगर उनमें से किसी को भी मंत्री पद नहीं दिया गया है।

-इस बार 18 विधायक ऐसे भी हैं जो पहली बार मंत्री की कुर्सी संभालेंगे।

-कैबिनेट के 23 मंत्रियों में से 9 मंत्री ग्रेजुएट, 7 मंत्री 12वीं पास,3 मंत्री पोस्ट ग्रेजुएट हैं जबकि 3 मंत्रियों ने पीएचडी की डिग्री हासिल की हुई है। कैबिनेट में एक मंत्री तो केवल 12वीं पास है।

-क्षेत्रिय रसूख की बात करें तो इसबार राजधानी जयपुर और भरतपुर से सबसे ज्यादा 3-3 मंत्री बनाए गए हैं वहीं दौसा-बीकानेर से 2-2, अलवर, चूरू, चित्तौड़, जालौर, बूंदी, अजमेर, कोटा, बाड़मेर, करौली, जैसलमेर, सीकर, बांसवाड़ा व बारां से 1-1 मंत्री बनाए गए हैं।