स्वाभिमान सभा पचपदरा में जनसैलाब के लिए करणी सेना भी कर रही आह्वान।

स्वाभिमान सभा पचपदरा में जनसैलाब के लिए करणी सेना भी कर रही आह्वान।
स्वाभिमान सभा पचपदरा में जनसैलाब के लिए करणी सेना भी कर रही आह्वान।

पूर्व रक्षा मंत्री जसवंत सिंह जसोल के पुत्र मानवेन्द्र सिंह कल दिनांक 22 सितम्बर,2018 को पचपदरा,राजस्थान में स्वाभिमान सभा कर रहे हैं । स्वाभिमान सभा के लिए काफी समय से सोशल मीडिया पर लोग अलग अलग जगह से समर्थन कर रहे हैं। बीच में समर्थको ने यह तक भी कहा की सरकार नहीं चाहती की यह स्वाभिमान सभा सफल हो।मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और उनके समर्थको ने भी मानवेन्द्र सिंह से कोई बात चीत नहीं करने का निर्णय लिया है जबकि केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत नहीं चाहते की मानवेन्द्र सिंह भाजपा से अलग हो क्यूंकि राजस्थान में पहले ही राजपूत समाज पद्मावत और एट्रोसिटी एक्ट में केंद्र के अध्यादेश लाने पर खासा नाराज़ दिख रहा है।

करणी सेना ने भी स्वाभिमान सभा में पहुंचने का किया है आह्वान।

करनी सेना के उज्जैन में आरक्षण और एट्रोसिटी एक्ट में सरकार के अध्यादेश लाने के खिलाफ उमड़े जनसैलाब ने भी सरकार के कान खड़े कर दिए हैं और करणी सेना के राष्ट्रीय महामंत्री सूरजपाल अम्मू जिन्होंने पद्मावत फिल्म के दौरान भाजपा के हरियाणा चीफ मीडिया को ऑर्डिनेटर के पद से इस्तीफ़ा दे दिया था वो भी इस रैली में पहुँच रहे हैं। सूरजपाल अम्मू पद्मावत और स्वर्ण आंदोलन का विरोध करने वालो में सबसे आगे रहे। सूरजपाल अम्मू ने जबसे भाजपा के पद से इस्तीफ़ा दिया है वे भाजपा को अपनी राजस्थान की रैलियो में कई बार चेता चुके हैं चाहें वह राजपूत समाज के नौजवानो के खिलाफ दर्ज़ मुक़दमे की बात हो या एट्रोसिटी एक्ट में केंद्र सरकार का सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के खिलाफ अध्यादेश लाना। स्वर्ण आंदोलन में भी वह भाजपा को चेताते हुए दिखे जहां उन्होंने कहा कि इसका नतीजा भाजपा को भुगतना पड़ेगा।

क्या मानवेन्द्र सिंह कांग्रेस के साथ जुड़ेंगे ?

राजनीति के जानकारों के अनुसार स्वाभिमान सभा के बाद मानवेन्द्र सिंह अपने अगले राजनैतिक कदम की घोषणा कर सकते हैं। अब देखना यह होगा कि क्या वो कांग्रेस से हाथ मिलाएंगे या फिर यह एक अलग ही कदम होगा जो भाजपा के विरोध में होगा। राजपूत समाज के लोग इस रैली और सभा का समर्थन करते दिख रहे हैं। देखना यह होगा कि अब मानवेन्द्र सिंह कल अपने समर्थकों के बीच क्या निर्णय लेते हैं।

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