जयपुर: इस सीट से चुनाव लड़ने के लिए ब्राहृम्ण होना जरूरी

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राजस्थान मे आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर कांग्रेस और भाजपा के लिए एक सीट सरदर्द बन गई है। राजधानी जयपुर की सांगानेर विधानसभा सीट दोनों ही पार्टियों के लिए परेशानी का ये सबब इस सीट पर जाति विशेष का प्रत्याशी चुनने से बनी है।

जयपुर के सांगानेर विधानसभा सीट से पिछले कई चुनावों में दोनों ही पार्टिया ब्राहृम्ण उम्मीदवार को खड़ा करती आई है। जहां इस सीट से भाजपा के बागी विधायक घनश्याम तिवाड़ी पिछली बार भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़े थे जिसमें उन्होनें जीत हासिल की थी वहीं कांग्रेस की ओर से संजय बाफना को इस ​सीट पर फिर से मैदान में उतारा गया था।

भाजपा के पूर्व नेता घनश्याम तिवाड़ी ने इस बार पार्टी से बगावत कर अपनी नई पार्टी भारत वाहिनी का गठन किया है। तिवाड़ी इस बार अपनी ही पार्टी के टिकट पर इस सीट से चुनाव लड़ेंगे जिससे भाजपा के सामने विडंबना है कि अब किस ब्राहृम्ण उम्मीदवार को यहां से टिकट दिया जाए।

अभी सूबे की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की अध्यक्षता में पार्टी टिकट वितरण को लेकर महामंथन कर रही हैं जिसमें सांगानेर सीट से टिकट को लेकर पार्टी के कई ब्राहृम्ण नेता जयपुर के मेयर अशोक लाहोटी, सांसद रामचरण बोहरा, राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष सुमन शर्मा दावेदारी जता रहे हैं। वहीं कई अन्य ब्राहृम्ण नामों पर भी विचार किया गया है।

इसके अलावा  जयपुर भाजपा जिलाध्यक्ष संजय जैन ने भी सांगानेर सीट से चुनाव लड़ने की दावेदारी पेश की है मगर मुख्यमंत्री एवं पार्टी की ओर से तय की गाइडलाइन के अनुसार जिलाध्यक्ष चुनाव नहीं लड़ सकते हैं ऐसे में उन्हें टिकट मिलना थोड़ा मुश्किल ही नजर आ रहा है।

कांग्रेस के दो प्रमुख ब्राहृम्ण भी लाइन में

इधर कांग्रेस के दो प्रमुख ब्राहृम्ण नेता भी इस सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर कर चुके हैं। कांग्रेस सरकार में जयपुर से सांसद रहे महेश जोशी और पिछले विधानसभा चुनाव में यहां से कांग्रेस के प्रत्याशी रहे संजय बाफना दोनों ही ब्राहृम्ण हैं और दोनों ही नेता पिछले विधानसभा और लोकसभा चुनावों में बुरी तरह से हार का मूंह भी देख चुके हैं।